mahadev bhooteshwar mandir barah pathar, rewari

                                            भूतेश्वर मंदिर बारह पत्थर

 

 

mahadev

mahadev temples in hindu dharma

दोस्तों भूतेश्वर mahadev mandir काफी प्राचीन है !लगभग ५०० साल पुराना बताया जाता है ! यहाँ पर शिवरात्रि के अवसर पर काफी भीड़ देखि जाती है लगभग ५००० से ६००० भगतो का जमावड़ा यहाँ लगा रहता है इसे शकुनि mandir क नाम से भी जाना जाता है !ऐसी मान्यता है जो भी भगत यहाँ आकर ४१ दिन पूजा करता है तो उसकी मनोकामना पूरी होती है भगवन क मंदिर मे नागो का आवागमन रहता है!कहा जाता है यहाँ पर भोले नाथ नाग क रूप मे भगतो को दार्शन देते है !इलाके के पीपल क पेड़ क नीचे बढ़कर रिमिझिम झरने का आनंद लिया जा सकता है ! दोस्तों मंदिर क आस पास त्रिवेणी पेड़ है !जिसमे बढ़ क पेड़ मे जी का वास होता है पीपल मे विष्णुजी और नीम क पेड़ मे भगवान् शंकर का वास होता है नीम बढ़ व् पीपल का आयुर्वेदिक तोर से भी इस्तेमाल देखा जा सकता है!पीपल से कील मुहासे की बीमारी दूर होती है! पीपल क पेड़ क नीचे बढ़ने से अस्थमा क रोगियों को फायदा मिलता है !भगवन भोले नाथ का वहां नंदी है ऐसी मान्यता जो भगत नंदी क कान मे अपनी मनोकामना को बोलता है ! तो नंदी भगवन शंकर तक बात को पहुंचते है तो उनकी मनोकाना पूण होती है !

 

 

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शनि mandir बारह पत्थर:-

मान्यता है की मंदिर क ऊपर का कलश घोर कला हो जाता है और अपने आप यह साफ़ हो जाता है ! शनिवार के दिन भगतजन यहाँ आकर तेल देव शनि जी को अर्पण करते है जिससे उनकी कास्ट शनिदेव हर लेते है !शनिवार के दिन यहाँ भगतो का जमावड़ा लगा रहता है !

 

भेरो जी मंदिर:-

इलाके मे भेरो जी का  mandir है जिन्हे त्रिकाल भैरव जी क नाम से भी जाना जाता है !भेरो जी सवारी कुत्ता है !mandir क आगाँन मे नेवले प्रसाद ग्रहण करने क लिए आते रहते है !भैरव जी का प्रिये प्रसाद मीठे चावल है भैरव जी के यहाँ जो भकत सच्चे भाव से आता है उसकी मनोकामना यहाँ पूरी होती है !

 

नवग्रह मंदिर :-

हिन्दू धर्म मे नवग्रह पूजन को विशेषता दी गयी है ! जिनमे सूर्ये देवता जिनका वहां नो घोड़े है !मंगल देवता भड़ की सवारी करते है !शनि देव जी क नो वाहन है जिनमे से एक भेसे को बताया गया है ! बुद्ध देवता को शेर और हठी की सवारी बताया गया है !शुक्र देवता घोड़े पर सवार होते है !चंद्र जी हिरन की सवारी है शुक्र ग्रह की हाथी की सवारी है,ketu ग्रह मछली पर विराजमान रहते है!राहु सिंह पर सवार होते है !

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बालाजी मंदिर :-

इलाके मे पर्सिद पंचमुखी हनुमान जी का temple है और बाला जी महराज की प्रतिमाये है! बालाजी महराज को पीपल क पत्ते प्रिये है !जो भगत बालाजी को पीपल क पत्तो पर राम नाम लिखकर अर्पण करता है उसकी मनोकामना बालाजी महराज पूरी करते है !



			

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